कोलंबिया में आगामी चुनावों के मद्देनज़र, डे ला एस्प्रीला के चुनावी अभियान ने ‘वोट फ्यूज़िल’ (मतदाताओं पर बंदूक के बल पर दबाव) के आरोपों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उनका आरोप है कि सशस्त्र समूहों द्वारा मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया गया। वहीं, वामपंथी उम्मीदवार इवान सेपेडा के अभियान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे ‘दक्षिणपंथी चरमपंथियों’ की उपज बताया है। सेपेडा के अभियान का कहना है कि संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में उनके समर्थन में किसी भी तरह के सशस्त्र दबाव का कोई सबूत नहीं है। यह विवाद कोलंबिया की चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े करता है। ‘ला सिल्ला वाकिया’ नामक समाचार माध्यम में इस मामले पर विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। यह मुद्दा कोलंबियाई राजनीति में एक महत्वपूर्ण बहस का विषय बन गया है।
