मध्य जावा प्रांत में संचालित 4,635 पोषण केंद्रों (SPPG) में से केवल 575 के पास ही हलाल प्रमाणन है। चौंकाने वाली बात यह है कि 715 केंद्रों के पास स्वच्छता और सैनिटेशन का प्रमाण पत्र (SLHS) भी नहीं है। यह जानकारी हाल ही में सामने आई है, जिससे खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक केंद्रों को शामिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। बिना प्रमाणन वाले केंद्रों पर निगरानी बढ़ाई जा रही है ताकि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके। यह स्थिति खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन और जनता के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और जल्द ही सुधार के लिए कदम उठाए जाएंगे।
