1986 में जॉर्ज लुइस बोर्हेस की मृत्यु के बाद से अर्जेंटीना के साहित्य में क्या बदलाव आया, यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न है। बोर्हेस न केवल एक लेखक थे, बल्कि अर्जेंटीनाई होने की भावना का भी प्रतिनिधित्व करते थे। उनकी रचनाओं ने राष्ट्रीय पहचान को गहराई से प्रभावित किया। उनकी विरासत आज भी अर्जेंटीना के साहित्य में महसूस की जाती है, और उनकी शैली और विषयों का प्रभाव स्पष्ट है। यह सवाल उठता है कि उनकी मृत्यु के बाद अर्जेंटीनाई साहित्य ने अपनी विशिष्टता कैसे बनाए रखी है और कैसे विकसित हुआ है। बोर्हेस का प्रभाव इतना गहरा है कि अर्जेंटीनाई साहित्य को समझने के लिए उन्हें जानना आवश्यक है। उनकी साहित्यिक विरासत पर लगातार बहस और विश्लेषण जारी है।
