युवा कर्मचारियों में बर्नआउट एक गंभीर समस्या बन रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे अंतर्राष्ट्रीय रोग वर्गीकरण (ICD-11) के नवीनतम संस्करण में आधिकारिक तौर पर मान्यता दी है। बर्नआउट, अत्यधिक और लंबे समय तक काम के तनाव के कारण उत्पन्न होने वाली एक मानसिक स्थिति है। चिकित्सकों का कहना है कि कार्यस्थल पर अत्यधिक दबाव, अपर्याप्त समर्थन और व्यक्तिगत जीवन तथा कार्य के बीच संतुलन की कमी इसके मुख्य कारण हैं। इस समस्या से बचने के लिए, कर्मचारियों को अपनी सीमाओं को पहचानना, समय-समय पर ब्रेक लेना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना चाहिए। कार्यस्थल पर सकारात्मक माहौल बनाने और कर्मचारियों को सहायता प्रदान करने पर भी ध्यान देना आवश्यक है। बर्नआउट न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, बल्कि उत्पादकता और कार्य क्षमता को भी कम करता है।