जापानी कलाकार यायोई कुसमा, जो अपनी विशिष्ट पोल्का डॉट्स, कद्दू की कला और अनंत दर्पणों से बनी कमरों के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थीं, का 97 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उनकी मृत्यु एम्स्टर्डम में होने वाली प्रदर्शनी से कुछ सप्ताह पहले हुई है। कुसमा को समकालीन कला की सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली कलाकारों में से एक माना जाता है। उनका काम अक्सर पुनरावृत्ति, जुनून और आत्म-विलुप्त होने के विषयों पर केंद्रित होता था। उन्होंने अपने जीवन में कई मानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना किया, और उनकी कला अक्सर इन अनुभवों का प्रतिबिंब थी। कुसमा की कला ने दुनिया भर के दर्शकों को मोहित किया और कला जगत में एक अमिट छाप छोड़ी है। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।