फीफा ने विश्व कप के एक अधिकारी, शॉन इवांस के खिलाफ जांच के बाद उन्हें आरोपों से मुक्त कर दिया है। यह जांच सोशल मीडिया पर हुई तीखी प्रतिक्रिया के बाद शुरू हुई थी, जिसमें इवांस पर जर्मनी और इक्वाडोर के बीच हुए मैच के दौरान एक चरमपंथी संकेत दिखाने का आरोप लगाया गया था। कुछ दर्शकों ने उनके हाव-भाव को एक दक्षिणपंथी प्रतीक बताया, जबकि अन्य ने इसे 2000 के दशक के एक लोकप्रिय स्कूलयार्ड शरारत के रूप में पहचाना। फीफा ने गहन समीक्षा के बाद पाया कि कोई भी आरोप सिद्ध नहीं हुआ। इवांस को अब विश्व कप में अपनी ड्यूटी जारी रखने की अनुमति दी जाएगी। इस मामले ने सोशल मीडिया पर काफी बहस पैदा कर दी थी, लेकिन फीफा के फैसले से यह विवाद अब समाप्त हो गया है।
