व्हाइट हाउस ने ज़करबर्ग और पिचई को सीनेट में बच्चों की सुरक्षा पर गवाही देने से बचाने के लिए हस्तक्षेप किया। इस हस्तक्षेप के बदले में, वे सीनेटर ग्रास्ले के एक विधेयक का समर्थन कर रहे हैं। ग्रास्ले के विधेयक के तहत, निचले स्तर के अधिकारी गवाही देने के लिए सहमत हुए हैं। यह समझौता बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे पर हुआ है। व्हाइट हाउस का यह कदम, तकनीकी दिग्गजों और सरकार के बीच संबंधों पर सवाल खड़े करता है। आलोचकों का कहना है कि इससे शीर्ष अधिकारियों की जवाबदेही कम हो सकती है। इस मामले में आगे की कार्यवाही पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
