डेनमार्क के एक समुद्री जीवविज्ञानी मैडसन ने व्हेल की निगरानी से जुड़े डेटा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जीपीएस डेटा किसी मृत व्हेल का भी हो सकता है, जिससे व्हेल के जीवित रहने की पुष्टि नहीं होती। मैडसन ने बैकहाउस द्वारा प्रस्तुत डेटा की पारदर्शिता और बाहरी विशेषज्ञों द्वारा उसकी जांच की मांग की है। उनका तर्क है कि डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है। इस मामले में, बैकहाउस द्वारा उपयोग किए गए गोता डेटा को भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। वैज्ञानिकों का मानना है कि व्हेल की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए स्वतंत्र मूल्यांकन आवश्यक है। इस विवाद ने व्हेल की निगरानी विधियों और डेटा सत्यापन प्रक्रियाओं पर बहस छेड़ दी है।