1974 के विश्व कप में पूर्व और पश्चिम जर्मनी के बीच ऐतिहासिक मुकाबला हुआ। यह दोनों जर्मन टीमों के बीच एकमात्र भिड़ंत थी। पश्चिम जर्मनी ने अपने ही देश में विश्व कप जीता और नया ट्राफी पहली बार प्रस्तुत किया गया। टूर्नामेंट में, डच खिलाड़ी क्रूफ़ ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन केवल दो मैचों में ही अपनी पूरी क्षमता दिखा पाए। क्रूफ़ की प्रतिभा सीमित रहने के बावजूद, पश्चिम जर्मनी की जीत इस विश्व कप की एक महत्वपूर्ण घटना रही। यह टूर्नामेंट जर्मनी के विभाजन और पुनर्मिलन की कहानी का एक प्रतीक बन गया।