एक स्वच्छता विशेषज्ञ के अनुसार, हर सप्ताह बिस्तर की चादर बदलना चिकित्सकीय रूप से आवश्यक नहीं है। उनका कहना है कि दो महीने तक भी चादर बदलने पर स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। विशेषज्ञ के अनुसार, चादर को ठीक से सुखाना महत्वपूर्ण है, न कि उसे पूरी तरह से कीमियों से मुक्त रखना। नमी वाले वातावरण में चादर रहने से ही बैक्टीरिया पनपते हैं। अच्छी तरह से हवादार जगह पर चादर सुखाने से अधिकांश हानिकारक सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं। इसलिए, नियमित रूप से चादर बदलने के बजाय, उसे उचित रूप से सुखाने पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है। यह जानकारी उन लोगों के लिए उपयोगी है जो अक्सर चादर बदलने को लेकर चिंतित रहते हैं।