1989 में वर्ल्ड वाइड वेब के आविष्कारक टिम बर्नर्स-ली ने एक पुस्तक मेले में बताया कि शुरुआती दौर में इंटरनेट के लिए पैसे मांगने का प्रलोभन था। उन्होंने बताया कि उन्हें लोगों को यह समझाने के लिए संघर्ष करना पड़ा कि इंटरनेट मुफ्त होना चाहिए। बर्नर्स-ली का मानना है कि तकनीक को सभी के लिए सुलभ रहना आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि इंटरनेट को मुक्त रखना महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि "सिरी आपके लिए काम कर रही है या नहीं?" उनका यह बयान तकनीक के भविष्य और डेटा गोपनीयता से संबंधित चिंताओं को दर्शाता है। बर्नर्स-ली इंटरनेट को एक सार्वजनिक भलाई मानते हैं और इसके खुलेपन को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।