फॉक्सवैगन (VW) वर्तमान में एक गहरे संकट का सामना कर रही है। इस संकट के मुख्य कारण संरचनात्मक हैं, जिनमें चीन में कमजोर कारोबार सबसे अधिक प्रभावशाली है। इस कठिन परिस्थिति के बावजूद, कंपनी ने 28 अरब यूरो के लाभांश (dividend) के वितरण पर विचार किया है। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या प्रबंधन को इस बड़ी राशि का उपयोग कंपनी के पुनरुद्धार के लिए निवेश करना चाहिए था। सार्वजनिक चर्चाओं में इस बात पर बहुत कम ध्यान दिया गया है कि इस स्थिति के लिए प्रबंधन कितना जिम्मेदार है। कंपनी की रणनीतिक विफलताओं ने इसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर कर दिया है। अंततः, यह विवाद लाभांश और भविष्य के निवेश के बीच संतुलन पर केंद्रित है।