हाल के महीनों में संपत्ति की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई है, लेकिन किराये की आय में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। एक घर जिसकी कीमत 4.5 अरब डोंग (लगभग ₹16 लाख) तक पहुँच गई है, उसे केवल 9 मिलियन डोंग (लगभग ₹3,200) प्रति माह पर किराए पर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि संपत्ति की कीमतों में तेजी और किराये पर कम लाभ के बीच का अंतर निवेशकों और खरीदारों के लिए एक चुनौती बन गया है। संपत्ति खरीदने के बाद उसे किराए पर देने से मिलने वाला लाभ अब पहले जैसा आकर्षक नहीं रहा है। इस स्थिति के कारण संपत्ति बेचने में भी कठिनाई हो सकती है, क्योंकि संभावित खरीदार किराये से होने वाली आय पर विचार करेंगे। बाजार में यह असंतुलन संपत्ति बाजार की स्थिरता पर सवाल खड़े करता है। संपत्ति में निवेश करने से पहले सावधानी बरतने और बाजार का विश्लेषण करने की सलाह दी जाती है।