सूअर के दामों में भारी गिरावट आई है, क्योंकि बाजार जुलाई के महीने में प्रवेश करने की तैयारी कर रहा है। यह वर्ष का सबसे निचला बिंदु माना जाता है, क्योंकि यह कई लोगों के लिए 'शाकाहारी मौसम' है। शाकाहारी भोजन की मांग बढ़ने से सूअर के मांस की खपत कम हो गई है, जिससे कीमतों में गिरावट आ रही है। बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले हफ्तों में यह गिरावट जारी रह सकती है। किसानों को इस स्थिति के लिए तैयार रहने और रणनीति बदलने की सलाह दी जा रही है। वर्तमान में, सूअर के दामों में गिरावट ने पूरे बाजार में चिंता पैदा कर दी है। इस स्थिति से किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।