भारत सरकार ने हवाई अड्डों और हवाई अड्डों के संचालन करने वाली कंपनियों में विदेशी निवेश को लेकर नए नियम जारी किए हैं। इन नियमों के अनुसार, हवाई अड्डा कंपनियों में न्यूनतम 100 अरब डोंग (भारतीय रुपये में परिवर्तित) की पूंजी होनी चाहिए। साथ ही, कंपनी की कुल पूंजी में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती है। यह कदम हवाई अड्डों के स्वामित्व और नियंत्रण को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार का मानना है कि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर नियंत्रण बना रहेगा। नए नियम हवाई अड्डों के विकास और प्रबंधन में पारदर्शिता लाने में भी मदद करेंगे। इन नियमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हवाई अड्डे देश की आर्थिक और सामरिक आवश्यकताओं को पूरा करते रहें।
