६६ वर्षीय हैंस बेटलेम ने १९२९ के बाद के सबसे बड़े शेयर बाजार क्रैश को करीब से देखा। उस समय वह एक युवा कर्मचारी थे। उन्होंने बताया कि आम तौर पर उनके कार्यालय में बहुत शोर होता था, लेकिन क्रैश के दौरान सब कुछ शांत हो गया था। यह घटना उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, क्योंकि उन्हें लगा कि उनका करियर समाप्त हो गया है। बेटलेम एक संपत्ति प्रबंधक हैं और उन्होंने इस ऐतिहासिक घटना को अपनी आँखों से देखा। इस क्रैश ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाला था और निवेशकों को भारी नुकसान हुआ था। उन्होंने इस अनुभव से बहुत कुछ सीखा और यह उनके पेशेवर जीवन का एक अभिन्न अंग बन गया।