अरान्ज़ा हर्नांडेज़ ने अपनी रिहाई के बाद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें शारीरिक और मानसिक यातनाओं का सामना करना पड़ा। हर्नांडेज़ को बोलेइता के डीजीसीआईएम (DGCIM) में 15 दिनों तक हिरासत में रखा गया था। उन्होंने जेल में बिताए समय को "भयानक दिन" बताया है। उनके अनुसार, हिरासत के दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। यह मामला मानवाधिकारों के उल्लंघन की ओर इशारा करता है। वर्तमान में वह अपनी आपबीती साझा कर दुनिया को जागरूक कर रही हैं।