वेनेजुएला में, ला गुआइरा के बचावकर्ता ‘टोपो’ के मामले में सीआईसीपीसी (वैज्ञानिक, आपराधिक और फोरेंसिक जांच विभाग) पर राजनीतिकरण का आरोप लगा है। सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने शिकायत की है कि अधिकारियों ने स्वयंसेवक को बदनाम करने के लिए मामले को राजनीतिक रूप दिया है, जिन्होंने भूकंप बचाव कार्यों की आलोचना करते हुए वायरल वीडियो जारी किए थे। ‘टोपो’ ने बचाव कार्यों के प्रबंधन पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे, जिससे उनकी लोकप्रियता बढ़ी थी। आरोपों के अनुसार, सीआईसीपीसी ने ‘टोपो’ पर रिपोर्टिंग की एक कठोर व्यवस्था थोप दी है। यह कदम उनकी आलोचना को दबाने और सरकार के बचाव प्रयासों की छवि को बचाने के लिए उठाया गया प्रतीत होता है। यह घटना देश में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सरकारी जवाबदेही पर चिंता पैदा करती है। मामले की आगे जांच की जा रही है और नागरिक समाज संगठन इसकी निगरानी कर रहे हैं।