न्याय, समझौता और क्षमा नामक एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ने देश में 565 राजनीतिक कैदियों की पहचान की है। एनजीओ ने 19 लोगों के जबरन गायब होने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की है। रिपोर्ट में 48 कैदियों के गंभीर स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के प्रति चिकित्सा ध्यान न दिए जाने की भी बात कही गई है। इसके अतिरिक्त, 23 विदेशी नागरिकों की हिरासत में असुरक्षा की स्थिति पर प्रकाश डाला गया है। एनजीओ का कहना है कि इन कैदियों को उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना हिरासत में लिया गया है। यह रिपोर्ट राजनीतिक कैदियों की स्थिति और मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर गंभीर सवाल उठाती है। संगठन ने सरकार से इन मुद्दों पर तत्काल ध्यान देने और समाधान निकालने का आग्रह किया है।