ऑस्कर अर्नल ने शासन के साथ बातचीत कर रहे विपक्षी समूह की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। उनका तर्क है कि विपक्ष को संविधान पर किसी भी प्रकार की बातचीत या समझौता नहीं करना चाहिए। उनके अनुसार, संविधान पूरी तरह से गैर-परक्राम्य है और इसे केवल लागू किया जाना चाहिए। अर्नल ने जोर दिया कि शासन को संवैधानिक नियमों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने विशेष रूप से मारिया कोरिना मचाडो के अधिकारों की रक्षा की मांग की है। साथ ही, उन्होंने निर्वासन में रह रहे लोगों के अधिकारों की बहाली पर जोर दिया। इस संदेश का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों और कानूनी ढांचे की रक्षा करना है। यह लेख राजनीतिक समझौतों के बजाय संवैधानिक जवाबदेही का समर्थन करता है।