संयुक्त राज्य अमेरिका और पराग्वे के बीच खेले जा रहे मैच के दौरान, वीडियो असिस्टेंट रेफरी (वीएआर) ने एक महत्वपूर्ण हस्तक्षेप किया। नीदरलैंड के रेफरी डैनी माककेली ने अमेरिकी डिफेंडर टिम रीम को पराग्वे के मिगुएल अल्मिरॉन पर फाउल करने के लिए पीला कार्ड दिखाया था। हालांकि, वीएआर की समीक्षा के बाद, यह पाया गया कि कार्ड गलत खिलाड़ी को दिखाया गया था। इस त्रुटि को सुधारने के लिए वीएआर ने हस्तक्षेप किया और कार्ड को वापस लिया गया। यह विश्व कप 2026 में 'गलत पहचान प्रोटोकॉल' का उपयोग करने का पहला मामला है, जिसका उद्देश्य गलत खिलाड़ी को दंडित करने से रोकना है। इस प्रोटोकॉल के तहत, वीएआर रेफरी को सही खिलाड़ी की पहचान करने में मदद करता है। यह घटना खेल में वीएआर की भूमिका और सटीकता को दर्शाती है।