अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने रविवार को ईरान के लिए आने वाले ‘आर्थिक डी-डे’ की चेतावनी दी है। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान पर द्वितीयक प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाया जाएगा, जिसका अर्थ है कि अन्य देशों को भी ईरान के साथ व्यापार करने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है। यह कदम ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। बेसेंट का यह बयान ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच आया है, खासकर परमाणु समझौते को लेकर। अमेरिका का मानना है कि ईरान परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है और क्षेत्रीय अस्थिरता फैला रहा है। नए प्रतिबंधों का लक्ष्य ईरान की अर्थव्यवस्था को कमजोर करना और उसे बातचीत की मेज पर लाना है। यह प्रतिबंध वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी प्रभाव डाल सकते हैं।

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