अमेरिका नाटो (NATO) के समर्थन के लिए यूरोप में तैनात अपने लड़ाकू विमानों और युद्धपोतों की संख्या में भारी कटौती करने की योजना बना रहा है। सूत्रों के अनुसार, लगभग एक तिहाई लड़ाकू विमान वापस बुलाए जाएंगे। यह कदम पूर्वी यूरोप में रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच नाटो की रक्षा क्षमताओं को लेकर चिंताएं पैदा कर सकता है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह पुनर्विन्यास वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए संसाधनों को अनुकूलित करने का हिस्सा है। हालांकि, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि इससे नाटो की तत्परता प्रभावित हो सकती है। इस बदलाव से यूरोप में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति कम हो जाएगी, जिससे सहयोगी देशों को अपनी सुरक्षा पर अधिक निर्भर रहना पड़ सकता है। अमेरिका ने अभी तक वापसी की सटीक समय-सीमा की घोषणा नहीं की है।