संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान, बेलारूस और चीन की तेरह कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिनका संबंध ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को आपूर्ति से है। ये कंपनियाँ रूस के यूक्रेन पर ड्रोन युद्ध में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये कंपनियाँ एक नेटवर्क का हिस्सा हैं जो रूस को सैन्य उपकरण प्रदान कर रहा है, जिसका उपयोग यूक्रेन में हमले करने के लिए किया जा रहा है। प्रतिबंधों का उद्देश्य इन कंपनियों की गतिविधियों को बाधित करना और रूस की युद्ध क्षमता को कम करना है। यह कदम “उथल-पुथल की धुरी” कहे जाने वाले देशों - ईरान, बेलारूस और चीन - पर दबाव बढ़ाने की अमेरिकी रणनीति का हिस्सा है। अमेरिका का मानना है कि ये देश रूस को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में मदद कर रहे हैं। इन प्रतिबंधों से इन कंपनियों के साथ व्यापार करने वाले अन्य देशों पर भी असर पड़ सकता है।