अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रपति ट्रम्प प्रशासन को तीसरे देशों में निर्वासनों को अस्थायी रूप से फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है। न्यायालय ने पहले के फैसलों को रद्द कर दिया है, जिससे यह कार्यक्रम जारी रहेगा। यह कार्यक्रम, जिसे मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है, तब तक जारी रहेगा जब तक न्यायालय दिसंबर में इस मामले में दलीलें नहीं सुन लेता। इस फैसले से उन लोगों पर असर पड़ेगा जिन्हें अमेरिका में शरण की तलाश है, लेकिन वे तीसरे देश से होकर आए हैं। आलोचकों का कहना है कि यह नीति शरणार्थियों को खतरे में डालती है। ट्रम्प प्रशासन का तर्क है कि यह नीति अवैध आव्रजन को कम करने के लिए आवश्यक है। इस फैसले से अमेरिकी आव्रजन नीति पर जारी बहस में एक नई बहस छिड़ सकती है।