अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने क्रिस्टा पाइक की फांसी की सजा को बरकरार रखा है। निचली अदालत ने फांसी पर रोक लगाई थी, क्योंकि न्यायाधीशों को यह मूल्यांकन करना था कि क्या पाइक के बचपन में हुई यौन शोषण की घटनाओं को सजा सुनाते समय पर्याप्त रूप से ध्यान में रखा गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, अब पाइक को घातक इंजेक्शन द्वारा फांसी देने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि फांसी की वारंट आधी रात तक वैध है। क्रिस्टा पाइक को 1996 में 19 वर्षीय कोलिन स्लेमर की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी, जो उसने 1995 में अपने तत्कालीन प्रेमी टेडरील शिप के साथ मिलकर की थी। पाइक ने क्षमा की याचना की थी, जिसमें अपने बचपन की आघात और यौन शोषण का उल्लेख किया था, लेकिन वह याचिका खारिज कर दी गई थी। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन को जन्म दिया है, एम्नेस्टी इंटरनेशनल ने 21,000 से अधिक हस्ताक्षर एकत्र किए हैं।