बीजिंग स्थित एक थिंक टैंक की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण चीन सागर में अमेरिका के 'फ्रीडम ऑफ नेविगेशन' ऑपरेशन्स में पिछले साल गिरावट आई है। अब अमेरिका निगरानी के लिए मानव रहित ड्रोन और फिलीपींस के साथ सहयोग पर अधिक निर्भर हो रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान वाहक पोतों और उभयचर समूहों जैसे बड़े अमेरिकी जहाजों के रखरखाव और तैनाती में चुनौतियां बढ़ी हैं। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के कारण भी वाशिंगटन को अपने संसाधनों का प्रबंधन करना पड़ रहा है। इन बाधाओं की वजह से अमेरिका ने एशिया-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी उपस्थिति के स्वरूप में बदलाव किया है। अब वह पारंपरिक सैन्य उपस्थिति के बजाय तकनीकी और रणनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता दे रहा है। यह बदलाव विवादित जलक्षेत्र में अमेरिका की बदलती सैन्य रणनीति को दर्शाता है।
