अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने ईरान के साथ एक समझौते पर पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत की अवधि शुरू होने की घोषणा की है। यह अवधि पिछले समझोते के तहत निर्धारित की गई थी। उपराष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि ईरान को अपने व्यवहार में बदलाव लाना होगा तभी उसे रियायतें मिलेंगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर तनाव बढ़ रहा है। अमेरिका, ईरान पर परमाणु हथियारों के विकास को रोकने और क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए दबाव बना रहा है। वार्ता का उद्देश्य दोनों देशों के बीच तनाव कम करना और एक दीर्घकालिक समझौते तक पहुंचना है। इस प्रक्रिया में सफलता ईरान के सहयोग और रचनात्मक दृष्टिकोण पर निर्भर करेगी।
