अमेरिका के स्कूलों में नए शैक्षणिक वर्ष से सशस्त्र हमलों को रोकने के लिए अश्रु गैस छोड़ने वाले ड्रोन तैनात किए जा रहे हैं। ये ड्रोन दूर से नियंत्रित किए जा सकते हैं और इनका उपयोग खिड़कियां तोड़ने और कक्षाओं को खाली कराने में किया जा सकता है। इन ड्रोनों में माइक्रोफोन भी लगे हैं, जिनके माध्यम से शिक्षक और अधिकारी छात्रों को हमले के दौरान जानकारी दे सकते हैं। सीएनएन के अनुसार, यह तकनीक स्कूलों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक नया कदम है। इस पहल का उद्देश्य हमलों के दौरान प्रतिक्रिया समय को कम करना और छात्रों और कर्मचारियों की रक्षा करना है। ड्रोन निर्माताओं का कहना है कि ये ड्रोन घातक नहीं हैं और इनका उपयोग केवल अंतिम उपाय के रूप में किया जाएगा। इस पहल पर कुछ चिंताएं भी व्यक्त की गई हैं, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि छात्रों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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