अमेरिकी सेना ने हर्मुज जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर हमले के कुछ घंटों बाद ईरान पर फिर से हवाई हमले किए हैं। यह घटनाक्रम दो सप्ताह पहले हस्ताक्षरित एक अस्थायी शांति समझौते के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव में भारी वृद्धि दर्शाती है। अमेरिका और ईरान दोनों एक-दूसरे पर चार महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए हुए समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं। यह ताजा हमला मध्यस्थता प्रयासों को झटका दे सकता है। फिलहाल, दोनों पक्षों ने हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह क्षेत्र में और अधिक अस्थिरता ला सकता है। इस घटना से वैश्विक तेल आपूर्ति पर भी असर पड़ सकता है।