अमेरिका में तेल का भंडार 1985 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुँच गया है। यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित अवरोध के कारण हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति से तेल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। न्यूयॉर्क में प्राप्त जानकारी के अनुसार, तेल भंडार में भारी कमी आई है, जो वैश्विक ऊर्जा बाजार पर प्रभाव डाल सकती है। यह कमी आपूर्ति संबंधी चिंताओं को बढ़ा रही है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य तेल के वैश्विक परिवहन के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। इस स्थिति पर बाजार और सरकारें बारीकी से निगरानी रख रही हैं। आगे आने वाले दिनों में तेल की कीमतों में अस्थिरता की संभावना है।
