अमेरिका ने सऊदी अरब को परमाणु कार्यक्रम विकसित करने की अनुमति दे दी है, जिससे इजराइल में चिंता फैल गई है। इजरायली राजनेताओं ने इस समझौते को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की एक और विफलता बताया है। उनका मानना है कि यह कदम क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा सकता है और ईरान को भी परमाणु हथियार बनाने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है। इजराइल लंबे समय से सऊदी अरब की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर चिंतित रहा है, क्योंकि इससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बदल सकता है। इस समझौते के परिणामस्वरूप, इजराइल अपनी सुरक्षा के लिए अतिरिक्त उपाय कर सकता है। यह कदम अमेरिका और सऊदी अरब के बीच संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन इसने इजराइल के साथ तनाव बढ़ा दिया है। इस मामले पर आगे की प्रतिक्रियाएँ और राजनयिक प्रयास जारी रहेंगे।