अमेरिका नाटो देशों में तैनात अपनी सैन्य उपस्थिति को कम करने की योजना बना रहा है। इस योजना के तहत, लगभग एक तिहाई लड़ाकू विमान और युद्धपोत वापस बुलाए जाएंगे। यह कदम पूर्वी यूरोप में तनाव बढ़ने के बावजूद उठाया जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह पुनर्गठन नाटो सहयोगियों के साथ समन्वय में किया जा रहा है और इसका उद्देश्य दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति को मजबूत करना है। हालांकि, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम रूस के प्रति अमेरिका के रुख में बदलाव का संकेत दे सकता है। फिलहाल, इस योजना के सटीक कार्यान्वयन की समय-सीमा स्पष्ट नहीं है। नाटो ने इस घोषणा पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है।