अमेरिकी सेना गोला-बारूद की गंभीर कमी से जूझ रही है, खासकर आक्रामक और रक्षात्मक दोनों तरह के युद्ध सामग्री में। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह कमी ईरान युद्ध के दौरान हुई थी और इसकी भरपाई में कई साल लग सकते हैं। इस स्थिति से रूस और चीन को फायदा हो रहा है, जबकि यूक्रेन और नाटो को नुकसान हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अमेरिकी सैन्य तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है। यह कमी अमेरिका की वैश्विक शक्ति संतुलन में भूमिका पर भी सवाल खड़े करती है। इस संकट के कारण हथियारों के उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यह स्थिति नाटो सहयोगियों के बीच भी चिंता पैदा कर रही है, जो अमेरिकी समर्थन पर निर्भर हैं।