अमेरिका ने 22 देशों के एक संयुक्त बयान जारी किया है जिसमें ईरान द्वारा समर्थित समूहों की यूरोप, उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में ईरानी असंतुष्टों, पत्रकारों और यहूदियों को निशाना बनाने की योजनाओं की कड़ी निंदा की गई है। बयान में इन समूहों द्वारा की जा रही हत्या की साजिशों पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। संयुक्त बयान में शामिल देशों ने अपनी धरती और नागरिकों की सुरक्षा के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ईरान से इन गतिविधियों को तुरंत रोकने का आह्वान किया है। फिनलैंड भी इन 22 देशों में शामिल है जिन्होंने इस बयान पर हस्ताक्षर किए हैं। यह बयान ईरान की ओर से बढ़ते खतरे के प्रति अंतरराष्ट्रीय समुदाय की एकजुटता को दर्शाता है। इस कार्रवाई से ईरान पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ने की संभावना है।