ईरान में अमेरिका के ‘एपिंक फ्यूरी’ नामक सैन्य अभियान का समापन पिछले वर्ष के बारह दिवसीय युद्ध की तरह ही हुआ है – अमेरिका और इजराइल के बीच स्पष्ट मतभेदों के साथ। इस कार्रवाई से दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया है। ऐसा प्रतीत होता है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की इजराइल के प्रति सहनशीलता अब समाप्त हो गई है। यह तनाव पिछले कुछ समय से बढ़ रहा था, और इस अभियान ने इसे और बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक स्थिति और जटिल हो सकती है। फिलहाल, दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन भविष्य में संबंधों की दिशा अनिश्चित बनी हुई है। यह घटनाक्रम अमेरिका की विदेश नीति में संभावित बदलाव का संकेत भी दे सकता है।