अमेरिका और ईरान के बीच तीखा बयानबाजी जारी है, क्योंकि अमेरिका सोमवार को नए आर्थिक प्रतिबंधों की घोषणा करने वाला है। ये प्रतिबंध ईरान और उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदारों, जिसमें चीन भी शामिल है, को प्रभावित कर सकते हैं। दोनों देशों ने एक दूसरे को कड़ी प्रतिक्रिया देने की चेतावनी दी है। वाशिंगटन का कहना है कि ये कदम ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और क्षेत्रीय अस्थिरता को रोकने के लिए आवश्यक हैं। तेहरान का तर्क है कि प्रतिबंध अवैध हैं और उसे कमजोर करने का प्रयास हैं। यह तनावपूर्ण स्थिति वैश्विक तेल बाजारों और व्यापक क्षेत्रीय स्थिरता पर असर डाल सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगे की बातचीत की संभावना कम है।