अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर तनाव बढ़ गया है। दोनों देशों ने परमाणु निरीक्षणों और जमे हुए संपत्ति के मुद्दे पर परस्पर विरोधी बयान दिए हैं। वित्तीय प्रोत्साहन, हॉर्मुज़ की जलडमरूमध्य और लेबनान में इजराइल के युद्ध जैसे विषयों पर भी मतभेद सामने आए हैं। ट्रंप प्रशासन ईरान पर समझौते का पालन न करने का आरोप लगा रहा है, जबकि ईरान का कहना है कि अमेरिका ही समझौते का उल्लंघन कर रहा है। इस गतिरोध के कारण समझौते के भविष्य पर अनिश्चितता बनी हुई है। दोनों देशों के बीच राजनयिक प्रयास जारी हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। इस विवाद का क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
