अमेरिका और ईरान ने एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जिसका उद्देश्य वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले युद्ध और ऊर्जा व्यवधानों को रोकना है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरानी समकक्ष মাসুদ पेज़ेशकियान ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध को समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर बुधवार को इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्ताक्षर किए। यह समझौता, जो लंबे समय से प्रतीक्षित था, फ्रांस के राष्ट्रपति की उपस्थिति में वर्साय के महल में हस्ताक्षरित हुआ। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता अस्थिर आधार पर टिका है और स्थायी शांति की गारंटी नहीं दे सकता। समझौते की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इजराइल की प्रतिक्रिया कैसी रहती है और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में स्थिरता कैसे बनाए रखी जाती है। यह समझौता ऊर्जा बाजारों और क्षेत्रीय भू-राजनीति पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है। फिलहाल, समझौते के दीर्घकालिक परिणाम अनिश्चित बने हुए हैं।