अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे 'मित्रता का संकेत' बताया है। लगभग 30 वर्षों के बाद, अमेरिका ने जापानी येन का समर्थन करने के लिए हस्तक्षेप किया है। ट्रंप के अनुसार, यह कदम अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था दोनों के लिए फायदेमंद होगा। यह निर्णय दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाता है। ये हस्तक्षेप येन की कमजोरी को रोकने के उद्देश्य से किया गया है। इस कदम से वित्तीय बाजारों पर भी प्रभाव पड़ने की संभावना है। अमेरिका का कहना है कि यह कदम आपसी सहयोग और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देगा।

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