नाटो के महासचिव मार्क रूट ने घोषणा की है कि संयुक्त राज्य अमेरिका का नाटो की संकट निधि में योगदान तत्काल प्रभाव से कम कर दिया गया है। यह घोषणा ब्रुसेल्स में नाटो रक्षा मंत्रियों की बैठक से पहले की गई। रूट ने बताया कि अमेरिका के इस कदम के बाद उत्पन्न होने वाले अंतर को भरने के लिए अन्य सहयोगी देश अपने योगदान को बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नाटो को अमेरिका की इन योजनाओं के बारे में पहले से ही जानकारी थी। यह कदम नाटो के भीतर वित्तीय संतुलन को प्रभावित कर सकता है, लेकिन रूट ने विश्वास व्यक्त किया है कि सहयोगी देश मिलकर इस चुनौती का सामना करेंगे। अमेरिका द्वारा योगदान कम करने का निर्णय नाटो के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जिसके दीर्घकालिक परिणाम देखने होंगे। फिलहाल, नाटो सदस्य देशों के बीच समन्वय और सहयोग पर जोर दिया जा रहा है।
