अमेरिका और ईरान ने परमाणु समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 60 दिनों का एक रोडमैप तय करने पर सहमति व्यक्त की है, हालांकि वार्ता में अभी भी कई अड़चनें हैं। यह सहमति दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत के दौरान हासिल हुई है। इस रोडमैप का उद्देश्य शेष मुद्दों को हल करना और एक व्यापक समझौते पर पहुंचना है। सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष कुछ प्रमुख बिंदुओं पर सहमत हुए हैं, लेकिन अभी भी कुछ महत्वपूर्ण मतभेद बने हुए हैं। यह समझौता 2015 के परमाणु समझौते को पुनर्जीवित करने का प्रयास है, जिससे ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सीमाएं लगाई गई थीं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2018 में इस समझौते से अमेरिका को वापस ले लिया था, जिसके बाद ईरान ने समझौते के कुछ प्रावधानों का पालन करना बंद कर दिया। वर्तमान में, दोनों देश समझौते को फिर से स्थापित करने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
