पोर्ट कैस्टिलो विवाद राष्ट्रपति कार्यालय में चिंता का विषय बन गया है। सरकार वार्ता में हो रही देरी से संतुष्ट नहीं है। राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि श्रम मंत्री की बैठक के बावजूद, दबाव वाली कार्रवाई की जा सकती है। यह मुद्दा पोर्ट की आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने से जुड़ा है। सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और समाधान की तलाश में है। वार्ता विफल होने पर कठोर कदम उठाने की संभावना है। राष्ट्रपति का हस्तक्षेप स्थिति को नियंत्रित करने और पोर्ट की कार्यक्षमता सुनिश्चित करने का प्रयास है।