संसद सदस्यों ने विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रियाओं की कड़ी जांच की मांग की है। उच्च शिक्षा और प्रशिक्षण विभाग (DHET) ने स्वीकार किया है कि उसके पास विदेशी शिक्षकों की स्थायी निवास, महत्वपूर्ण कौशल वीजा या अन्य आप्रवासन स्थिति के बारे में सटीक डेटा उपलब्ध नहीं है। सांसदों का कहना है कि इस डेटा की कमी से भर्ती में असंतुलन की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर दिया है। DHET ने डेटा संग्रह में सुधार करने का आश्वासन दिया है, लेकिन समय सीमा स्पष्ट नहीं है। इस मुद्दे पर आगे बहस होने की संभावना है, क्योंकि संसद विदेशी शिक्षकों की भर्ती नीतियों के प्रभाव का आकलन करना चाहती है। यह मामला शिक्षा क्षेत्र में विदेशी प्रतिभा के योगदान और स्थानीय रोजगार के अवसरों के बीच संतुलन बनाए रखने से जुड़ा है।