कोलंबिया के दूसरे दौर के चुनाव में, समझौते समर्थित उम्मीदवार के लिए सर्वसम्मति से मतदान की एक असामान्य प्रवृत्ति देखी गई। यह विशेष रूप से उन क्षेत्रों में अधिक स्पष्ट है जो समझौते का समर्थन करते हैं, जिन्हें 'रेस्गार्डो' कहा जाता है। 'वोटो फुसिल' (धमकी देकर करवाया गया मतदान) इस पूर्ण सर्वसम्मति की व्याख्या नहीं कर पाता है, लेकिन 'वोटो रेस्गार्डो' (समर्थित क्षेत्रों का मतदान) इस घटना को समझाता है। इन क्षेत्रों में, मतदाताओं ने एक ही उम्मीदवार के पक्ष में एकमत होकर मतदान किया। यह स्थिति चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह का मतदान स्थानीय प्रभाव या दबाव के कारण हो सकता है। इस मामले की आगे जांच की जा रही है।