देश भर में ३१ लाख ईपीएफ खातों में ९,३०० करोड़ रुपये से अधिक की राशि बिना दावे के पड़ी है। यह धनराशि इतनी अधिक है कि इससे तीन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बनाए जा सकते हैं। यह खुलासा श्रम मंत्रालय के आंकड़ों से हुआ है, जो निष्क्रिय खातों में जमा धन की चिंताजनक स्थिति को दर्शाता है। अधिकारियों का कहना है कि कई खाताधारक नौकरी बदलने या सेवानिवृत्त होने के बाद अपने ईपीएफ खाते को अपडेट नहीं कराते हैं, जिससे यह निष्क्रिय हो जाता है। सरकार इस धन का उपयोग बुनियादी ढांचे के विकास के लिए करने पर विचार कर रही है। खाताधारकों को अपने खातों को सक्रिय रखने और समय-समय पर अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि वे इस धन का लाभ उठा सकें। श्रम मंत्रालय इस मुद्दे को हल करने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की योजना बना रहा है।