संयुक्त राष्ट्र ने गिग अर्थव्यवस्था में काम करने वाले श्रमिकों के लिए एक अभूतपूर्व संधि को अपनाया है। यह समझौता इन श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन और अन्य मूलभूत अधिकारों को सुनिश्चित करने का प्रयास करता है। यह पहली बार है जब वैश्विक स्तर पर गिग अर्थव्यवस्था के कर्मचारियों के लिए मानकों को निर्धारित करने का प्रयास किया गया है। संधि में श्रमिकों के लिए उचित काम करने की परिस्थितियों और सामाजिक सुरक्षा उपायों को लागू करने पर जोर दिया गया है। इस कदम से दुनिया भर में लाखों गिग श्रमिकों को लाभ होने की उम्मीद है, जो अक्सर श्रम कानूनों के दायरे से बाहर रह जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संधि गिग अर्थव्यवस्था में न्याय और समानता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सुनिश्चित करने के लिए सदस्य देशों को अब राष्ट्रीय कानूनों को संरेखित करने की आवश्यकता होगी।