यूक्रेन में चल रहे युद्ध का असर अब प्रकृति पर भी दिखने लगा है। पक्षी अब घोंसले बनाने के लिए प्राकृतिक सामग्री के साथ-साथ ऑप्टिकल फाइबर का भी उपयोग कर रहे हैं। ये फाइबर युद्ध क्षेत्र में पेड़ों में उलझे हुए या खेतों में बिखरे हुए पाए जाते हैं। यूक्रेनी और रूसी सेनाएं ड्रोन को मार्गदर्शन देने के लिए इन ऑप्टिकल फाइबर का उपयोग करती हैं, ताकि इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप से बचा जा सके। दो ऐसे घोंसले सबूत के तौर पर कीव युद्ध संग्रहालय को भेजे गए हैं, जहाँ उन्हें प्रदर्शित किया जा रहा है। 1200 किलोमीटर लंबी युद्ध रेखा के किनारे के क्षेत्रों में ये पतले ऑप्टिकल केबल मकड़ी के जाले की तरह चमकते हुए दिखाई देते हैं। यह घटना युद्ध के पर्यावरणीय परिणामों को दर्शाती है।