यूक्रेन ने हजारों जमीनी रोबोट का ऑर्डर दिया है, लेकिन युद्ध के मैदान में इनकी तैनाती में कई चुनौतियां आ रही हैं। सैनिकों का कहना है कि इन रोबोटों के लिए ज़रूरी मरम्मत, प्रशिक्षण और मानक पुर्जों की कमी है। रोबोटों की कार्यक्षमता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, जिससे इनकी उपयोगिता प्रभावित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी सहायता और पुर्जों की आपूर्ति सुनिश्चित किए बिना, इन रोबोटों का प्रभाव सीमित रहेगा। यूक्रेन की सेना को इन रोबोटों के रखरखाव और संचालन के लिए कुशल कर्मियों की भी आवश्यकता है। यह स्थिति युद्ध में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से जुड़ी जटिलताओं को दर्शाती है। इन समस्याओं के समाधान के लिए तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।