रूस-यूक्रेन युद्ध 1569वें दिन भी जारी है। यूरोप अभी भी रूस से तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का आयात कर रहा है, जबकि कानूनी रूप से इसे बंद करने का विकल्प मौजूद है। वहीं, यूक्रेन के ड्रोन बलों ने एक वर्ष पूरा किया है और दावा किया है कि रूस के हर तीसरे सैनिक की मौत उनके हमलों में हुई है। यूक्रेन का कहना है कि ड्रोन तकनीक, जो पहले शादियों में इस्तेमाल होने वाले कैमरों से विकसित हुई, युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यूक्रेनी सेना का मानना है कि ड्रोन ने युद्ध के मैदान में महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है और रूसी सेना को भारी नुकसान पहुंचाया है। यह जानकारी यूक्रेन की सेना द्वारा जारी किए गए हालिया आंकड़ों पर आधारित है। इस स्थिति से यूरोप की ऊर्जा नीति और यूक्रेन युद्ध पर इसके प्रभाव के बारे में सवाल उठ रहे हैं।